Khuddaka Nikaya
छोटे ग्रंथों का संग्रह
युगल गाथाओं का भाग
त्रिशरण गमन
दस शील
मंगल (कल्याणकारी) बातों पर दिया गया उपदेश
रत्नों पर दिया गया उपदेश
पुण्य निधान का उपदेश
करणीय मेत्त सुत्त
मैत्री भाव फैलाने के विषय में उपदेश (मैत्री सूत्र)
आयुष्मान संगामजी थेर के संबंध में कहा गया उदान